मेरे उठे विरह में पीर – भजन (Mere Uthe Virah Me Pir)

मेरे उठे विरह में पीर – भजन (Mere Uthe Virah Me Pir)

मेरे उठे विरह में पीर – भजन (Mere Uthe Virah Me Pir) श्री राधा-श्याम के प्रति अटूट प्रेम, समर्पण और विरह की गहरी अनुभूति को व्यक्त करता है। भजन में एक भक्त अपने मन की व्यथा श्री श्यामा के सामने रखता है और संसार के सभी मोह-माया से दूर होकर वृन्दावन जाने की इच्छा प्रकट ... Read more

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